अपने हम-चश्म से लगा कहने नाला ओ आह ओ शोर ओ शर देखा

“Turning to his equal, he began to say: Did you behold the weeping, the sighs, the uproar, and the fray?”

— ख़्वाजा रुक्नुद्दीन इश्क़
अर्थ

वह अपने बराबर वाले या साथी से कहने लगा कि क्या तुमने यह विलाप, आहें, शोर-शराबा और उपद्रव देखा?

विस्तार

इस शेर में इश्क़ के दर्द और उससे पैदा होने वाली तबाही को एक बड़े मंज़र की तरह पेश किया गया है। यहाँ कोई अपने हम-उम्र या साथी से मुख़ातिब होकर पूछ रहा है कि क्या तुमने दिल के टूटने की वह फ़रियाद, ठंडी आहें और मचा हुआ कोहराम देखा? यह इंसान के उस जज़्बे को छूता है जहाँ वह चाहता है कि उसकी बेपनाह तड़प और बिखराव को कोई अनदेखा न करे, बल्कि उस दर्द का कोई तो गवाह बने।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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