बाद इस के मिसाल का आलम इस पे अज्साम फिर फ़ज़ूद हुआ

“Thereafter arose the imaginal realm of similitudes, / Upon which the world of physical bodies was then bestowed.”

— ख़्वाजा रुक्नुद्दीन इश्क़
अर्थ

इसके बाद मिसाल (रूपों या प्रतीकों) का संसार सामने आया, और फिर उस पर भौतिक शरीरों (अज्साम) का संसार जोड़ दिया गया।

विस्तार

इस शेर में शायर सूफ़ी फलसफे के ज़रिए कायनात के वजूद में आने का एक रूहानी सफ़र बयां कर रहे हैं। वे समझाते हैं कि पहले 'आलम-ए-मिसाल' यानी कल्पनाओं और रूहानी रूपों की दुनिया वजूद में आई, जहाँ चीज़ें बिना किसी वज़न के सिर्फ तसव्वुर की शक्ल में थीं। फिर उसी नाज़ुक खाके पर यह ठोस, दिखाई देने वाली जिस्मों और चीज़ों की दुनिया रची गई—मानो हमारा यह सारा संसार उस अदृश्य ईश्वरीय सपने का ही साकार रूप हो।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.