ધડ ધડ થતૂં હેયૂં લોહી વહાવિ રહ્યૂં બધે, થર થર થતાં ગાત્રો સર્વે ધ્રુજે બનિ મુગ્ધ છે. ૧૭

“My heart, throbbing 'dhad dhad', spills blood everywhere,My limbs, trembling 'thar thar', all shiver, lost in a trance.”

— कलाપી
अर्थ

मेरा हृदय, 'धड़ धड़' करता हुआ, हर जगह रक्त बहा रहा है। मेरे अंग, 'थर थर' काँपते हुए, सब काँपते हैं, एक समाधि में खोए हुए हैं।

विस्तार

यह दोहा तीव्र भावनाओं के एक क्षण को खूबसूरती से दर्शाता है। यह एक दिल की तेज़ धड़कन का वर्णन करता है, 'धड़ धड़' की आवाज़ के साथ, जिससे पूरे शरीर में रक्त का संचार बढ़ जाता है। साथ ही, सभी अंग और शरीर के हिस्से बेकाबू होकर 'थर थर' काँप रहे हैं। ये शक्तिशाली शारीरिक प्रतिक्रियाएँ इतनी प्रबल हैं कि व्यक्ति पूरी तरह से मंत्रमुग्ध और स्तब्ध रह जाता है। यह गहरे प्रभावित होने का चित्रण है, जहाँ व्यक्ति का पूरा अस्तित्व एक मजबूत भावना से घिर जाता है, जिससे वह विस्मय या आघात में स्थिर हो जाता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.