ભરે છે દૂર ત્યાં વારિ કન્યાની સખિ તો હજી, ફરે છે તીરની કુંજે ભોળી એ મૃદુ આંખડી. ૧૧

“Still from afar, the maiden's friend draws water there,Her gentle, innocent eyes roam through the bankside bower.”

— कलाપી
अर्थ

अभी भी दूर से कन्या की सखी पानी भर रही है, और उसकी भोली, मृदु आँखें किनारे के कुंज में घूम रही हैं।

विस्तार

यह दोहा एक कोमल और मार्मिक दृश्य चित्रित करता है। इसमें एक युवती का वर्णन है जो नदी के किनारे प्रतीक्षा कर रही है। उसकी सखी अभी भी काफी दूर पानी भरने गई है और वह इस काम में व्यस्त है। इस बीच, युवती अकेली है, और उसकी भोली, कोमल आँखें किनारे के कुंजों में धीरे से घूम रही हैं। यह प्रतीक्षा के एक शांत क्षण का सुझाव देता है, शायद वह किसी ख़ास व्यक्ति को ढूँढ रही है, या बस विचारों में खोई हुई है, उसकी दृष्टि उसकी शुद्ध और कोमल आत्मा को दर्शाती है। यह किसी चाह या कोमल खोज की भावना जगाता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.