“You call me mad, O people, bestowing a thousand names! We are Mansoor's disciples, who play with the Divine!”
हे लोगो, तुम मुझे पागल कहते हो और हज़ारों नाम देते हो। हम मंसूर के चेले हैं जो खुदा से खेल करने वाले हैं।
लोग भले ही मुझे पागल कहें या हजारों नाम दें, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। हम तो मंसूर जैसे निडर साधकों के शिष्य हैं, जो सीधे ईश्वर से अपना संबंध रखते हैं। यह शेर हमें बताता है कि जब आप ईश्वर से गहरे जुड़ जाते हैं, तो दुनिया की परवाह नहीं करते। यह एक ऐसे आध्यात्मिक प्रेम की बात है जहाँ भक्त और भगवान के बीच कोई दीवार नहीं होती। यह दुनिया की बातों से परे जाकर अपने सच पर अटल रहने और ईश्वर से एक बेबाक, सीधा संबंध रखने का आह्वान है, भले ही इसके लिए दुनिया आपको नासमझ क्यों न समझे।
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