जब ही नाम ह्रदय धरयो , भयो पाप का नाश। मानो चिनगी अग्नि की , परि पुरानी घास॥ 90॥
“As soon as the name is held in the heart, sins are destroyed. It is like old grass consumed by the flame of knowledge.”
— कबीर
अर्थ
जब हृदय में नाम धारण किया जाता है, तो पाप का नाश हो जाता है। यह प्रभाव उस पुरानी घास के समान है जो अग्नि की एक चिंगारी से जल जाती है।
विस्तार
कबीर यहाँ कितनी प्यारी बात कह रहे हैं! वो समझाते हैं कि बस अपने दिल में ईश्वर का नाम बसा लेने से हमारे सारे पाप ऐसे मिट जाते हैं, जैसे अग्नि की एक छोटी-सी चिनगारी पुरानी सूखी घास के ढेर को पल भर में राख कर देती है। यह हमें सिखाता है कि भक्ति और स्मरण की शक्ति इतनी ज़बरदस्त है कि वह हमारे भीतर की सारी नकारात्मकता को तुरंत जलाकर शुद्ध कर देती है। इससे मन को बड़ी शांति मिलती है कि मुक्ति का मार्ग कितना सरल है।
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