जाके जिव्या बन्धन नहीं , ह्र्दय में नहीं साँच। वाके संग न लागिये , खाले वटिया काँच॥ 48॥
“Do not cling to those whose lives are not bound, Whose hearts hold no truth. Stay away from them, For they are like broken glass.”
— कबीर
अर्थ
जिन लोगों का जीवन बंधनों से नहीं है और जिनके हृदय में सच्चाई नहीं है, उनसे आसक्ति न करें। उनसे दूर रहना ही बेहतर है, क्योंकि वे टूटे हुए काँच के समान हैं।
विस्तार
कबीर दास जी यहाँ हमें एक बहुत गहरी सलाह दे रहे हैं। वह ऐसे लोगों से दूर रहने की हिदायत देते हैं जिनकी जुबान पर कोई लगाम नहीं और जिनके दिल में सच्चाई नहीं है। 'टूटे शीशे' का बिम्ब बहुत प्रभावशाली है, जो यह बताता है कि ऐसे व्यक्तियों से किसी भी तरह का संबंध केवल पीड़ा ही देगा। यह दोहा हमें जीवन में समझदारी और सावधानी बरतने का महत्वपूर्ण पाठ सिखाता है।
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