दिल का मरहम ना मिला , जो मिला सो गर्जी। कह कबीर आसमान फटा , क्योंकर सीवे दर्जी॥ 76॥
“I could not find the balm for my heart, only found a roar. Kabir said, 'If the sky tore, why did the tailor sew it?'”
— कबीर
अर्थ
दिल का मरहम तो नहीं मिला, बस एक शोर मिला। कबीर कहते हैं कि अगर आसमान फटा भी, तो दर्जी उसे क्यों सिल देगा।
विस्तार
कबीर दास जी इस दोहे में बताते हैं कि जब दिल पर चोट लगती है और हमें मरहम की तलाश होती है, तो अक्सर हमें सिर्फ खोखली बातें या स्वार्थी लोग मिलते हैं। फिर वो एक गहरी बात कहते हैं कि अगर पूरा आसमान ही फट जाए, तो भला कोई मामूली दर्जी उसे कैसे सी सकता है? इसका मतलब है कि कुछ दर्द और समस्याएँ इतनी बड़ी होती हैं कि उनके लिए सतही उपाय बेमानी हैं, और हमें इस सच्चाई को समझना चाहिए।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
← Prev73 / 10
