“Seek the True Guru and the Saint, who desire the work of God. May they remove the bondage of existence and guide us away from sorrow.”
सतगुरु और सन्त की खोज करो, जो ईश्वर का कार्य चाहते हैं। वे भव के बंधन को मिटा दें और हमें दुःख के मार्ग से बचाएँ।
यह दोहा हमें आध्यात्मिक मुक्ति की ओर एक सुंदर इशारा करता है। कबीरदास जी समझाते हैं कि हमें ऐसे सच्चे गुरु और संत की तलाश करनी चाहिए जिनकी इच्छा केवल ईश्वर के बताए मार्ग पर चलना हो। वे ही हमें संसार के बंधनों (भव को अंक) से मुक्त कर सकते हैं और आवागमन के चक्र से पार लगा सकते हैं। उनकी कृपा से ही हम दुखों से छूटकर अपनी आत्मा के वास्तविक स्वरूप को जान पाते हैं।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
