बिन सतगुरु उपदेश , सुर नर मुनि नहिं निस्तरे। ब्रह्मा-विष्णु , महेश और सकल जिव को गिनै॥ 476॥
“Without the guidance of the true Guru, the gods, men, and sages cannot find rest. They count Brahma, Vishnu, Mahesh, and all living beings.”
— कबीर
अर्थ
बिना सच्चे गुरु के उपदेश के, देवता, मनुष्य और ऋषिगण कभी शांति प्राप्त नहीं कर सकते। वे ब्रह्मा, विष्णु, महेश और सभी जीवों को गिनते रहते हैं।
विस्तार
यह दोहा हमें बताता है कि सच्चे गुरु की सीख के बिना, देवता, मनुष्य और ऋषि-मुनि भी शांति नहीं पा सकते। यहाँ ब्रह्मा, विष्णु, महेश और सभी जीवों को गिनने का मतलब केवल संख्या बताना नहीं, बल्कि बाहरी ज्ञान और आडंबरों में उलझ जाना है। कबीर दास जी समझाते हैं कि असली सुकून और मुक्ति जटिल विचारों में भटकने या बाहरी दिखावे में नहीं, बल्कि सच्चे गुरु की सहज समझ और मार्गदर्शन में मिलती है। यह मन की अनंत बेचैनी से निकलने का रास्ता है।
← Prev73 / 10
