ॠद्धि सिद्धि माँगो नहीं , माँगो तुम पै येह। निसि दिन दरशन शाधु को , प्रभु कबीर कहुँ देह॥

“Do not ask for prosperity and success; ask for this instead. A vision of a saint on every night, may Lord Kabir grant that boon.”

— कबीर
अर्थ

धन-वैभव और सिद्धियाँ माँगना नहीं चाहिए; इसके बजाय, ये माँगना चाहिए कि प्रभु कबीर हर रात किसी संत का दर्शन दें।

विस्तार

कबीर दास जी यहाँ हमें एक बहुत गहरी बात समझा रहे हैं, एक अलग ही नज़रिया दिखा रहे हैं। वे कहते हैं कि हमें धन-दौलत और संसारिक सफलता (ऋद्धि-सिद्धि) के पीछे भागने के बजाय कुछ और ही माँगना चाहिए। उनकी चाहत तो है कि प्रभु कबीर उन्हें हर रात किसी संत महात्मा के दर्शन दें। यह दिखाता है कि कबीर के लिए असली खजाना बाहरी सुख-सुविधाओं में नहीं, बल्कि आध्यात्मिक मार्गदर्शन और ज्ञान में छिपा है, जिससे हमारा जीवन सही मायने में धन्य हो जाता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.

← Prev40 / 10