कांचे भाडें से रहे , ज्यों कुम्हार का देह। भीतर से रक्षा करे , बाहर चोई देह॥

“Like the potter's body, glass serves as a shield. Protecting from within, and keeping the outside clean.”

— कबीर
अर्थ

कांच की भाड़ें (घटें) कुम्हार के शरीर की तरह हैं। ये अंदर से रक्षा करती हैं और बाहर की गंदगी को साफ रखती हैं।

विस्तार

कबीरदास जी इस दोहे में हमें एक ऐसे सुरक्षा कवच की ज़रूरत समझा रहे हैं, जो हमें हर तरफ से महफूज़ रखे। यह कवच, कुम्हार के शरीर जैसा मज़बूत और कांच की तरह पारदर्शी होते हुए, हमें भीतर से पवित्र रखता है। साथ ही, यह हमें बाहरी दुनिया की बुराइयों और गन्दगी से भी बचाता है, ताकि हमारा मन हमेशा साफ़ रहे। भई, असली सुरक्षा तो यही है कि हम अंदर से भी साफ़ रहें और बाहर की दुनिया को लेकर भी जागरूक और सतर्क रहें।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.

← Prev31 / 10