Sukhan AI
कबिरा खालिक जागिया , और ना जागे कोयजाके विषय विष भरा , दास बन्दगी होय109

The poet Kabir says, who is awake, and who is not awake? For whom the subject is filled with poison, the servant becomes a devotee.

कबीर
अर्थ

कबीरा कहते हैं कि, कौन जागा और कौन नहीं जागा? जिसका विषय विष से भरा है, वह दास भी बन्दगी हो जाता है।

विस्तार

कबीर दास जी इस दोहे में हमें जगाते हुए पूछते हैं कि असल में कौन जाग रहा है और कौन नहीं। उनका कहना है कि अगर हमारे मन में सांसारिक विषयों का ज़हर भरा हो, तो हमारी बंदगी या भक्ति केवल ऊपरी होती है, सच्ची नहीं। यह दोहा हमें अंदर की शुद्धता और दिखावे से परे, वास्तविक ईश्वर प्रेम की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.