“A rest for the water-bearer, A rest for the churner of butter-milk.”
इस दोहे का शाब्दिक अर्थ है 'पानी भरने वाली महिला के लिए विश्राम स्थल, मट्ठा बिलोने वाली महिला के लिए विश्राम स्थल'।
यह दोहा रोज़मर्रा के जीवन में महिलाओं के साधारण, आवश्यक विश्राम स्थलों की बात करता है। 'पनियारी' वह स्त्री है जो पानी ढोती है, अक्सर कुएँ या नदी तक लंबी दूरी तय करती है। 'महीयारी' छाछ और डेयरी उत्पाद बेचती है, गाँव-गाँव घूमती है। 'विसामा' का अर्थ है विश्राम स्थल। तो, ये पंक्तियाँ उन साधारण पड़ावों का उल्लेख करती हैं जहाँ ये मेहनती महिलाएँ अपनी दैनिक दिनचर्या के बीच थोड़ी देर रुकती थीं, साँस लेती थीं, बातें करती थीं या बस शांति के कुछ पल पाती थीं। यह सामुदायिक जीवन और श्रम की गरिमा को दर्शाता है, जिसमें विश्राम की साझा मानवीय आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
