Sukhan AI
લપછપતાં તરુવર-ડાળ- સાંજલ તારા! ઝગમગ તારા!

Swaying tree branches gently sighing-Evening stars! O, glittering stars!

ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ

पेड़ की डालियाँ धीरे-धीरे हिल रही हैं, और शाम के तारे चमक रहे हैं, जगमगा रहे हैं। यह एक शांत संध्याकालीन दृश्य का वर्णन करता है।

विस्तार

यह दोहा शाम के एक खूबसूरत दृश्य को चित्रित करता है। यह 'लपछपंता तरुवर-डाल' से शुरू होता है, जो पेड़ों की टहनियों का वर्णन करता है जो झिलमिला रही हैं या धीरे-धीरे हिल रही हैं, शायद दिन की आखिरी रोशनी में या हवा के कारण। फिर, यह प्यार से 'सांझल तारा' को संबोधित करता है, यानी शाम के तारों को। यह उन्हें 'झगमग तारा' कहता है, जिसका अर्थ है चमकते और टिमटिमाते तारे। कल्पना कीजिए कि आप एक बड़े पेड़ की हिलती हुई पत्तियों के माध्यम से ऊपर देख रहे हैं, जहाँ चमकते, टिमटिमाते तारे शाम के आकाश में धीरे-धीरे दिखाई देने लगते हैं। यह एक सरल लेकिन सजीव और शांतिपूर्ण छवि है, जो शाम की प्राकृतिक सुंदरता और शांत जादू का जश्न मनाती है जब तारे उभरते हैं।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.