કવિ! તે દિન નીલ આકાશ તારા કેરી સુંદરતા સહુ સાર્થ બને, તારાં કૂજન આજ જલાવી દે, પ્રાણ! રે દંભ ગાવા તને કેમ ગમે!

“O Poet! On that day, the beauty of allThe stars in the blue sky finds its worth,But burn your warbling today, O Soul!O pretense! How can you love to sing?”

— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ

हे कवि! उस दिन नीले आकाश में तारों की सारी सुंदरता सार्थक हो जाएगी। हे प्राण! आज अपने इस कूजन को जला दे; हे दंभ! तुझे ऐसा गाना कैसे प्रिय है?

विस्तार

यह दोहा ईमानदारी और सच्चाई की एक मार्मिक पुकार है। कवि एक कवि को पाखंडी शब्दों और गीतों को त्यागने के लिए कहते हैं। वे नीले तारे भरे आकाश की सुंदरता का वर्णन करते हैं, यह सुझाव देते हुए कि सच्चा अर्थ और सौंदर्य ऐसी वास्तविक, प्राकृतिक चीजों में निहित है। फिर कवि अपनी आत्मा से या शायद श्रोता से पूछते हैं कि उन्हें दंभ या छल से गाना क्यों पसंद है। यह एक शक्तिशाली संदेश है जो हमें सतही अभिव्यक्तियों को जलाने और अपनी कला और जीवन में सच्चाई और ईमानदारी को अपनाने का आग्रह करता है। यह हमें याद दिलाता है कि वास्तविक सुंदरता दिखावे में नहीं, बल्कि सच्ची भावनाओं में पाई जाती है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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