કેસૂડા રંગના ભડકા લે'રાવતી લાલ લાલ કોરની સાડી; શીમુળના ઝાડ હેઠ સબકારે ચાલતી દીઠી સાંતાલની નારી.

“A sari with a deep red border, aflame with Kesuda's fiery hue;Beneath the Shimul tree, I saw a Santal woman walking, graceful and true.”

— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ

मैंने एक संताल महिला को शीमूल वृक्ष के नीचे, पलाश के फूल जैसे चमकीले लाल रंग की किनारी वाली साड़ी पहने, सलीके से चलते देखा।

विस्तार

यह सुंदर दोहा एक संताल महिला का सजीव चित्रण प्रस्तुत करता है। उसे एक सेमल के पेड़ की छाँव में, मोहक अदा से इठलाती हुई चलते देखा गया है। उसकी साड़ी बेहद आकर्षक है: गहरे लाल रंग की, जो पलाश (केसूड़ा) के फूलों की तरह जीवंत और अग्नि-सी प्रतीत होती है। कवि उसकी सुंदरता और उसके आसपास की प्राकृतिक छटा को बखूबी दर्शाता है, जिससे प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाए महिला की सादगी और शालीनता उजागर होती है। यह शांतिपूर्ण अवलोकन का एक क्षण है, जो ऐसे परिवेश में अक्सर पाई जाने वाली समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक सुंदरता को जीवंत करता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.