માતા તણે મુક્તિ-કદંબે ઝૂલવાઃ આગે કદમ! આગે કદમ! આગે કદમ!

“To move freely on mother's path of freedom:Step forward! Step forward! Step forward!”

— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ

माता की मुक्ति के मार्ग पर स्वतंत्र रूप से विचरण करने के लिए: आगे कदम बढ़ाओ! आगे कदम बढ़ाओ! आगे कदम बढ़ाओ!

विस्तार

यह दोहा स्वतंत्रता और प्रगति का एक सशक्त आह्वान है। यह "माता की मुक्ति के कदंब वृक्ष पर झूलने" की एक सुंदर तस्वीर प्रस्तुत करता है, जो स्वतंत्र मातृभूमि से मिलने वाली परम खुशी और शांति का प्रतीक है। यहां "कदंब वृक्ष" स्वतंत्रता की आनंदमय स्थिति को दर्शाता है। इस काव्यात्मक कल्पना के बाद, बार-बार दोहराया गया नारा "आगे कदम! आगे कदम! आगे कदम!" हमें लगातार आगे बढ़ने, अथक प्रयास करने और अपनी मातृभूमि के लिए उस प्यारी स्वतंत्रता को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का एक प्रेरणादायक आदेश है। यह एक उज्जवल, मुक्त भविष्य की ओर एकता और अथक मार्च के लिए एक जोशीली पुकार है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.