ग़ज़ल

ज़माना देखेगा जब मिरे दिल से महशर उठेगा गुफ़्तुगू का

ज़माना देखेगा जब मिरे दिल से महशर उठेगा गुफ़्तुगू का

यह ग़ज़ल इस बात का वर्णन करती है कि जब मेरे दिल से बातें (गुफ़्तुगू) का महशर होगा, तो पूरी दुनिया (ज़माना) यह देखेगी। यह एक गहरा भावनात्मक और आध्यात्मिक दावा है जो वक्ता की आंतरिक शक्ति और प्रभाव को दर्शाता है।

गीत सुनें

अभी गीत नहीं

No shers available.