ऐ हल्क़ा-ए-दरवेशाँ वो मर्द-ए-ख़ुदा कैसा
हो जिस के गरेबाँ में हंगामा-ए-रुस्ता-ख़ेज़
“O circle of dervishes, what kind of man is this, a man of God, whose lap is a scene of chaos and commotion.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
ऐ दरवेशों के घेरे, वो ख़ुदा के मर्द कैसे हैं, जिसके आँचल में रुस्ता-खेज़ का हंगामा है।
विस्तार
यह शेर एक गहरे सवाल के साथ शुरू होता है, जो दरवेशों के पूरे घेरे से किया जा रहा है। शायर पूछ रहे हैं कि ऐसा कौन-सा आदमी है... जिसके एक होने से पवित्र स्थान पर इतना हंगामा मच जाए! यह सिर्फ़ एक सवाल नहीं है, बल्कि उस बेचैनी को बयान करता है, जब आध्यात्मिक शांति और दुनिया का शोर टकराते हैं।
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