नहीं इस खुली फ़ज़ा में कोई गोशा-ए-फ़राग़त
ये जहाँ अजब जहाँ है न क़फ़स न आशियाना
“In this open expanse, there is no corner for leisure, This world is strange, neither a cage nor a nest.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
इस खुली हवा में आराम करने के लिए कोई कोना नहीं है। यह दुनिया अजीब है, न पिंजरा है और न ही घोंसला।
विस्तार
यह शेर जीवन की एक गहरी कड़वी सच्चाई को बयां करता है। शायर कहते हैं कि इस खुली दुनिया में, कहीं भी अकेले रहने की जगह नहीं है। यह दुनिया इतनी अजीब है कि न यह हमें कैद करके रखती है (क़फ़स), और न ही हमें पूरी तरह से सुरक्षित महसूस कराती है (आशियाना)। हम हमेशा खुले, लेकिन हमेशा बेबस हैं।
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