ख़बर 'इक़बाल' की लाई है गुलिस्ताँ से नसीम
नौ-गिरफ़्तार फड़कता है तह-ए-दाम अभी
“I bring news of Iqbal from the garden's gentle breeze, Still, the nine-armed, beating, lies beneath the dam.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
ख़बर 'इक़बाल' की गुलिस्ताँ से नसीम लेकर आई है, और नौ-गिरफ़्तार अभी तह-ए-दाम फड़कता है।
विस्तार
यह शेर किसी शायर के असर की गहराई को बयां करता है। शायर कहते हैं कि गुलिस्तान से नसीम बनकर खबर आ रही है। लेकिन असली बात दूसरी लाइन में है— नौ-गिरफ़्तार फड़कता है तह-ए-दाम अभी। इसका मतलब है कि शायर के अल्फ़ाज़ महज़ ऊपरी हवा नहीं हैं; वे एक ऐसा गहरा कंपन पैदा करते हैं जो दिल की तह तक महसूस होता है, जो हमेशा ज़िंदा रहता है।
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