तिरे आज़ाद बंदों की न ये दुनिया न वो दुनिया
यहाँ मरने की पाबंदी वहाँ जीने की पाबंदी
“Neither this world of free souls, nor that world is it; here is the bond of dying, there is the bond of living.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
तेरे आज़ाद बंदों की न यह दुनिया न वो दुनिया, यहाँ मरने की पाबंदी, वहाँ जीने की पाबंदी।
विस्तार
यह शेर, यह एक गहरा तफ़कर है! शायर हमें ज़िन्दगी के दो आलम दिखाता है। वह कहते हैं कि आज़ाद बंदों की दुनिया, यह दुनिया नहीं है, और यह दुनिया भी नहीं है। यहां तो मरने की पाबंदियाँ हैं, लेकिन उस दूसरी दुनिया में, ज़िंदा रहने की पाबंदियाँ हैं। यह शेर इंसान को अपनी ज़िन्दगी और आज़ादी की असल परिभाषा पर सोचने को मजबूर करता है। क्या हम सचमुच आज़ाद हैं?
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