पीर-ए-मय-ख़ाना ये कहता है कि ऐवान-ए-फ़रंग
सुस्त-बुनियाद भी है आईना-दीवार भी है
“The tavern-keeper of intoxication says that the iwan of the foreigner, Is also a mirror-wall of weak foundation.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
पीर-ए-मय-ख़ाना कहता है कि विदेशी शैली का ऐवान भी तो एक कमजोर नींव वाला आईना-दीवार मात्र है।
विस्तार
यह शेर हमें बताता है कि दुनिया की सबसे बड़ी और शानदार इमारतें भी अंदर से कितनी खोखली हो सकती हैं। 'मय-ख़ाना' का माहौल हमें जीवन की सच्चाई से रूबरू कराता है। शायर कहते हैं कि बाहरी दिखावा, चाहे कितना भी भव्य क्यों न हो, उसकी नींव हमेशा कमज़ोर होती है। यह एक गहरी चेतावनी है कि हमें केवल बाहरी चमक पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
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