कली को देख कि है तिश्ना-ए-नसीम-ए-सहर
इसी में है मिरे दिल का तमाम अफ़्साना
“Seeing the bud, what a thirst for the morning breeze; / In this very thing is the whole story of my heart.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
कली को देखकर सुबह की हवा के लिए कितनी प्यास लगी है; इसी में मेरे दिल की पूरी कहानी है।
विस्तार
यह शेर एक बहुत ही खूबसूरत तुलना करता है! शायर ने अपने दिल की बेचैनी को एक कली के इंतज़ार से जोड़ा है। जैसे एक कली को सुबह की पहली हवा (नसीम-ए-सहर) का बहुत इंतज़ार होता है, वैसे ही हमारे दिल को भी एक नए एहसास, एक नए उजाले का इंतज़ार होता है। यह पूरी ज़िंदगी का अफ़साना इसी छोटे से इंतज़ार में छिपा है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
