दम-ए-तौफ़ किरमक-ए-शम्अ ने ये कहा कि वो असर-ए-कुहन
न तिरी हिकायत-ए-सोज़ में न मिरी हदीस-ए-गुदाज़ में
“The breath of the musk and the thread of the candle said that the effect of the ancient one is neither in your tale of burning nor in my tale of the flowing stream.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
दम-ए-तौफ़ और किरमक-ए-शम्अ ने यह कहा कि वह पुराना असर न तुम्हारी जलती कहानी में है और न मेरी बहती दास्तान में।
विस्तार
इस शेर में शायर ने मोमबत्ती की लौ का इस्तेमाल किया है। यह लौ अपनी अंतिम साँस में कहती है कि उसका जो प्रकाश है, वह न तो आपके प्रेम की कहानी से आता है, और न ही मेरे गम या दर्द की दास्तान से। इसका मतलब है कि जीवन का असली उजाला, इंसानी जज़्बातों से कहीं ज़्यादा गहरा और पुराना होता है।
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