उमंग को जोश दे, तू ध्वनि है कानों से परिचय बढ़ा वो साज किस काम का, जो चुपचाप पर्दे में छिपा पड़ा रहे

“Give enthusiasm to the zeal, you are the sound that expands recognition through the ears; What use is that instrument, which remains hidden silently behind the curtain?”

— अल्लामा इक़बाल
अर्थ

उमंग को जोश देने वाली, तुम ध्वनि हो जो कानों से परिचय बढ़ाती है। वह साज किस काम का, जो चुपचाप पर्दे में छिपा पड़ा रहे।

विस्तार

यह शेर हमें अभिव्यक्ति की शक्ति और जीवन में सक्रियता का महत्व समझाता है। शायर कहते हैं कि ज्ञान और जोश सिर्फ़ सुनाई देने वाली चीज़ों से आता है। वो उस चीज़ पर सवाल उठाते हैं जो ख़ूबसूरत होते हुए भी चुपचाप, पर्दे के पीछे पड़ी रहे। यह सिर्फ़ संगीत की बात नहीं, बल्कि जीवन में अपना हुनर दिखाने की बात है।

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उमंग को जोश दे, तू ध्वनि है कानों से परिचय बढ़ा | Sukhan AI