“If the longing to behold has truly opened your eyes, behold on every pathway the imprint of the beloved's feet.”
अगर देखने की तड़प या चाहत ने तुम्हारी आँखें खोल दी हैं, तो हर रास्ते पर महबूब के पैरों के निशान देखो।
यह शेर देखने के नज़रिये और इश्क़ की गहरी नज़र पर बात करता है। शायर कहते हैं कि अगर आपके दिल में महबूब को देखने की सच्ची लगन है, तो आपकी आँखें सिर्फ़ चेहरे नहीं, बल्कि हर तरफ़ उस इश्क़ के निशान ढूँढ लेंगी। जब निगाहों में यह रूहानी शौक़ जागता है, तो ज़िंदगी के हर आम रस्ते और ज़र्रे-ज़र्रे में महबूब के क़दमों की चाप और मौजूदगी महसूस होने लगती है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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