आह कि खोया गया तुझ से फ़क़ीरी का राज़
वर्ना है माल-ए-फ़क़ीर सल्तनत-ए-रूम-ओ-शाम
“Alas, the secret of mendicancy (fakiri) lost to you, Otherwise, the wealth of the ascetic is the empire of Rome and Sham.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
आह! तुझसे फ़क़ीरी का रहस्य खो गया, वर्ना फ़क़ीर का धन रोम और शाम की सल्तनत है।
विस्तार
यह शेर आध्यात्मिक सादगी और सांसारिक वैभव के बीच के गहरे अंतर को समझाता है। शायर कहते हैं कि फ़कीर का असली खजाना उसका वैराग्य और आंतरिक सुकून है। अगर यह सादगी का राज़ खो जाए, तो रोम और शाम जैसी महान सल्तनतों की दौलत भी कुछ नहीं रह जाती। यह हमें याद दिलाता है कि मन की शांति किसी भी साम्राज्य से बड़ी होती है।
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