नाक़िस हो दोस्तदारी में कामिल नहीं हो तू — ख़्वाजा हैदर अली आतिश
“Flawed you are in friendship, not yet perfected are you, If even toward an enemy some rancor lingers in your heart.”
अर्थ
तुम दोस्ती में अधूरे हो, अभी पूर्ण नहीं हुए, अगर दुश्मन के प्रति भी तुम्हारे दिल में थोड़ी सी कड़वाहट बाक़ी रह गई।
विस्तार
यह शेर दोस्ती और मोहब्बत के सच्चे मायने बताता है। शायर कहता है कि तुम दोस्तदारी में अब भी अधूरे हो, अभी पूरे नहीं हुए, अगर तुम्हारे दिल में अपने दुश्मन के लिए भी ज़रा-सी कड़वाहट या मैल बाक़ी रह गई है। दिल की असली बड़ाई इसी में है कि सारे गिले-शिकवे छोड़ दिए जाएँ, उनके भी जिन्होंने तुम्हें दुख दिया। जब तक दिल में नफ़रत का थोड़ा-सा ग़ुबार भी रहेगा, तब तक पूरी तरह प्यार करने की तुम्हारी क़ाबिलियत अधूरी रहेगी। यह एक कोमल याद दिलाना है कि सच्चा उदार दिल भीतर गुस्से की कोई धूल नहीं रखता। जब दिल बिलकुल साफ़ हो, तभी मोहब्बत का हुनर पूरा होता है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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