कोई मेरे दिल से पूछे तिरे तीर-ए-नीम-कश को
ये ख़लिश कहाँ से होती जो जिगर के पार होता
“Ask my heart about your arrow, partially drawn;Whence would this torment be, had it passed clean through the liver?”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
कोई मेरे दिल से तुम्हारे आधे खींचे हुए तीर के बारे में पूछे। अगर वह जिगर के आर-पार हो गया होता तो यह टीस कहाँ से होती?
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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