ये मसाईल-ए-तसव्वुफ़ ये तिरा बयान 'ग़ालिब'
तुझे हम वली समझते जो न बादा-ख़्वार होता
“These matters of mysticism, and your eloquent words, Ghalib,We would deem you a saint, were you not a wine-drinker.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
तसव्वुफ़ के ये पेचीदा मसले और तुम्हारी ये बयानबाज़ी, ग़ालिब! हम तुम्हें ज़रूर वली मानते, अगर तुम शराब पीने वाले न होते।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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