शब कि ज़ौक़-ए-गुफ़्तुगू से तेरी दिल बेताब था
शोख़ी-ए-वहशत से अफ़्साना फ़ुसून-ए-ख़्वाब था
“Last night, my heart was restless with the joy of talk with you,The tale, by passion's mischief, an enchantment of a dream grew.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
पिछली रात, मेरा दिल आपसे बातचीत के आनंद से बेचैन था। जुनून की शरारत के कारण यह कहानी एक स्वप्निल जादू बन गई।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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