पड़िए गर बीमार तो कोई न हो तीमारदार और अगर मर जाइए तो नौहा-ख़्वाँ कोई न हो

“If you fall ill, let there be no one to nurse you, And if you die, let there be no one to lament you.”

— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

अगर मैं बीमार पड़ूँ तो मेरी देखभाल करने वाला कोई न हो, और अगर मैं मर जाऊँ तो मेरे लिए रोने वाला कोई न हो।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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पाठ
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