हुआ चर्चा जो मेरे पाँव की ज़ंजीर बनने का
किया बेताब काँ में जुम्बिश-ए-जौहर ने आहन को
“When talk arose of forging chains to bind my feet,The innate spirit made the iron restless within its mine.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
जब मेरे पाँव की ज़ंजीर बनाने की चर्चा हुई, तो खान में मौजूद लोहे के जौहर की हलचल ने उसे बेचैन कर दिया।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
