देखना हालत मिरे दिल की हम-आग़ोशी के वक़्त — मिर्ज़ा ग़ालिब
“Behold the state of my heart in the moment of our embrace / The tip of your every hair turns a knowing gaze upon me”
अर्थ
गले मिलने के समय मेरे दिल की हालत देखना, तुम्हारे बदन का हर एक बाल मुझे किसी पहचानी हुई नज़र की तरह देखता हुआ महसूस होता है।
विस्तार
इस शे'र में शायर मिलन और आलिंगन के उस नाज़ुक लम्हे की तस्वीर खींचता है जहाँ जज़्बात अपनी इंतिहा पर होते हैं। वो कहता है कि जब हम गले मिलते हैं, तो मेरे दिल की बेकरारी और शर्म की कैफ़ियत देखने लायक होती है। आलम यह है कि महबूब के जिस्म का हर एक रोआँ (सर-ए-हर-मू) शायर को ऐसे महसूस होता है जैसे वो कोई पहचानी हुई, भेद जानने वाली आँख हो जो उसके दिल के सारे राज़ पढ़ रही हो।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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