Sukhan AI
इश्क़ पर ज़ोर नहीं है ये वो आतिश 'ग़ालिब'
कि लगाए न लगे और बुझाए न बने

Over love there's no sway, Ghalib, it's that very fire,Which won't ignite if you try to, nor extinguish when you desire.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

इश्क़ पर कोई ज़ोर नहीं चलता, ग़ालिब। यह वो आग है कि लगाने से लगती नहीं और बुझाने से बुझती नहीं।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.