इस नज़ाकत का बुरा हो वो भले हैं तो क्या
हाथ आवें तो उन्हें हाथ लगाए न बने
“May this delicacy be cursed; what if they are virtuous?If they come within reach, one cannot bear to touch them.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
उनकी इस नज़ाकत का बुरा हो! वे भले हैं तो क्या? अगर वे हाथ आ जाएँ, तो उन्हें हाथ लगाना भी मुश्किल हो जाए।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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