Sukhan AI
गदा समझ के वो चुप था मिरी जो शामत आई
उठा और उठ के क़दम मैं ने पासबाँ के लिए

He was silent, taking me for a beggar, when my misfortune arrived,I rose, and rising, stepped towards the doorkeeper.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

वह मुझे भिखारी समझकर चुप था, जब मेरी शामत आई। मैं उठा और उठकर मैंने द्वारपाल की ओर कदम बढ़ाए।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.