Sukhan AI
न लाई शोख़ी-ए-अंदेशा ताब-ए-रंज-ए-नौमीदी
कफ़-ए-अफ़सोस मलना अहद-ए-तज्दीद-ए-तमन्ना है

My mind's bold fancy could not bear despair's deep, bitter sting,To wring one's hands in sorrow, new desires it will bring.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

मन की चंचलता निराशा के दुख को सहन नहीं कर पाई। अफ़सोस में हाथ मलना इच्छाओं के नवीनीकरण का एक वादा है।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

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