सीखे हैं मह-रुख़ों के लिए हम मुसव्वरी
तक़रीब कुछ तो बहर-ए-मुलाक़ात चाहिए
“For moon-faced darlings, we have learned the painter's art,A fitting pretext, indeed, to meet and play a part.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
हमने सुंदर मुख वाले प्रियजनों के लिए चित्रकारी सीखी है। आखिर, उनसे मुलाकात के लिए कोई बहाना तो चाहिए।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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