सफ़ीना जब कि किनारे पे आ लगा 'ग़ालिब' ख़ुदा से क्या सितम-ओ-जौर-ए-ना-ख़ुदा कहिए

“Now that the boat has finally reached the shore, Ghalib, What oppression and cruelty of the helmsman should one complain to God about?”

— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

ग़ालिब, जब सफ़ीना किनारे पर आ ही लगा है, तो नाख़ुदा के ज़ुल्म और सितम की शिकायत ख़ुदा से क्या करें? इस शेर का अर्थ है कि जब मंज़िल मिल जाए, तो मार्गदर्शक की पिछली कठिनाइयों की शिकायत करना व्यर्थ है।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.

← Prev11 / 11