मह-ए-अख़्तर-फ़शाँ की बहर इस्तिक़बाल आँखों से
तमाशा किश्वर-ए-आईना में आईना-बंद आया
“With eyes, to welcome the moon that scatters stars,A spectacle, mirror-adorned, in the mirror's realm appeared.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
आँखों से तारों को बिखेरने वाले चाँद का स्वागत करने के लिए, दर्पणों के देश में एक दर्पण से सजा हुआ दृश्य प्रकट हुआ।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
