बक रहा हूँ जुनूँ में क्या क्या कुछ
कुछ न समझे ख़ुदा करे कोई
“What all am I babbling in my madness?May God ensure no one understands a thing.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मैं अपने जुनून में न जाने क्या-क्या बक रहा हूँ। ईश्वर करे कि कोई भी इन्हें न समझे।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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