है वतन से बाहर अहल-ए-दिल की क़द्र-ओ-मंज़िलत
'उज़्लत-आबाद-ए-सदफ़ में क़ीमत-ए-गोहर नहीं
“Outside their homeland, the noble-hearted find their worth and place, No value can a pearl acquire within its shell's embrace.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
सज्जन लोगों या प्रतिभाशाली व्यक्तियों का सम्मान और स्थान उनके वतन से बाहर होता है। जिस तरह सीप के भीतर मोती का कोई मूल्य नहीं होता है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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