नुक़साँ नहीं जुनूँ में बला से हो घर ख़राब
सौ गज़ ज़मीं के बदले बयाबाँ गिराँ नहीं
“No loss in madness, let the house be ruined; A wilderness is not burdensome in exchange for a hundred yards of land.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
जुनून में कोई नुकसान नहीं, भले ही घर बर्बाद हो जाए। सौ गज जमीन के बदले एक वीरान जंगल महंगा नहीं लगता।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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