जाँ है बहा-ए-बोसा वले क्यूँ कहे अभी
'ग़ालिब' को जानता है कि वो नीम-जाँ नहीं
“Life is a kiss's price, but why speak of it just now?One knows Ghalib is not half-dead (he still has life to offer).”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
एक चुंबन का मूल्य जीवन है, परंतु अभी इसका जिक्र क्यों किया जाए? हर कोई गालिब को जानता है कि वह अर्ध-मृत नहीं है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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