फिर बे-ख़ुदी में भूल गया राह-ए-कू-ए-यार
जाता वगर्ना एक दिन अपनी ख़बर को मैं
“Again, lost in ecstasy, I forgot the path to the beloved's lane;Otherwise, one day I would have gone to find myself.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
फिर से, मैं अपनी सुध-बुध खोकर प्रियतम की गली का रास्ता भूल गया। नहीं तो, एक दिन मैं अपनी ख़बर लेने चला जाता।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
