'ग़ालिब' ख़ुदा करे कि सवार-ए-समंद-नाज़
देखूँ अली बहादुर-ए-आली-गुहर को मैं
“Ghalib, may God grant that I behold Ali Bahadur, of noble birth, astride a horse of grace.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
ग़ालिब, मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि मैं अली बहादुर को, जो उच्च वंश के हैं, एक सुन्दर घोड़े पर सवार देख सकूँ।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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