रात के वक़्त मय पिए साथ रक़ीब को लिए
आए वो याँ ख़ुदा करे पर न करे ख़ुदा कि यूँ
“At night, wine-drunk, with the rival in their train, May they come here, I pray to God, but God forbid it be in such pain!”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मैं खुदा से दुआ करता हूँ कि रात में शराब पीकर, रक़ीब को साथ लिए हुए, वे यहाँ आएं। पर खुदा न करे कि वे इस तरह (रक़ीब के साथ) आएं जो बहुत दुखदायी हो।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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